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लो शुरू हुई इस बार
लो शुरू हुई इस बार
हम में तुम में तकरार
बस मेरे दिल का दाग हो
तुम कुछ नहीं गले का हार
सुनते हो तुम नहीं गले का हार
अच्छा मैं तेरे दिल का दाग सही
मैं तेरे दिल का दाग सही
पर दाग हो प्यारा प्यारा
बिन दाग न देगा चाँद कभी
ठंडा मीठा उजियारा
कांटा न लगा हो
कांटा न लगा हो फूल के साथ
तो फूल है बिलकुल कर
तो फूल है बिलकुल कर
तो फूल है बिलकुल कर
क्या इसी तरह की होगी शुरू
हम में तुम में तकरार
हम में तुम में तकरार
हम तुम में हमेशा तनी
रहेगी कभी न होगा मेल
हाँ कभी न होगा मेल
भूलें तो न होंगे
भूलें तो न होंगे
अभी तुम्हें
वो बालकपन के खेल
वो बालकपन के खेल
वो बालकपन के खेल
इस बार मगर कुछ
इस बार मगर कुछ ऐसी
ठनेगी लाख बनाए नहीं बनेगी
मिल कर भी रहेंगे अलग
अलग जैसे पानी और तेल
मैं जाकर कहीं छुप जाऊँगा
और पिहू पिहू पिहू पिहू
पिहू की बोल के बोली
दिल में दर्द उठाऊँगा
मैं दिल का दर्द मिटाने
और मन का मीत मनाने
झट इन चरणों में आ गिरूँगी
कर के प्रेम पुकार
क्या इसी तरह की होगी शुरू
हम तुम में तकरार
हम तुम में तकरार
हम तुम में तकरार