Elige una pista para reproducir
ये मेरी राहें हैं ढूंढती मेरी खुशियां
मंज़िल का पता नहीं, सफर पर हूँ अब मैं चला
पानी सा बहता अब रहूं मैं
बादलों संग उड़ता मैं फिरूं
चाहे कहीं भी ना हो मेरा ठिकाना
मैं मुसाफिर बनता अब चलूं
लेकर कहीं मुझे ले चला सफर ये (सफर ये)
रास्ते तय करूं जैसे करती समुंदर की लहरें
मैं बेफिक्रा हूं, हवा संग चला हूं
ज़रा सा डरा हूं, खो ना जाऊं मैं कहीं
मेरे सारे सपने रख के दूर अपने
मैं यूं जो चला हूं, ले जाए रास्ता अब वहीं
हा हा हा हा हा
अपने ही खोज में जाने क्यूं रोज़ मैं
खुद की कहानी को सोच में दोहराता रहा
आदतों से मोहब्बत थी जिनकी
आदतों में बस यूं ही मैं उनको पाता रहा
हासिल जो हुआ, मैं उसको लेके ज़रा
अपनी धुन कोई बना ले चला
पानी सा बहता अब रहूं मैं
बादलों संग उड़ता मैं फिरूं
चाहे कहीं भी ना हो मेरा ठिकाना
मैं मुसाफिर बनता अब चलूं
लेकर कहीं मुझे ले चला सफर ये (सफर ये)
रास्ते तय करूं जैसे करती समुंदर की लहरें
मैं बेफिक्रा हूं, हवा संग चला हूं (हो हो)
ज़रा सा डरा हूं, खो ना जाऊं मैं कहीं (हो हो)
मेरे सारे सपने रख के दूर अपने (हो हो)
मैं यूं जो चला हूं, ले जाए रास्ता अब वहीं, हम्म हम्म (हो हो)