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भोले बाबा तुमसे धरती का सोलह श्रृंगार
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
भोले बाबा तुमसे धरती का सोलह श्रृंगार
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
जानू ना कैसी प्रीत शम्भू तुझसे लग रही
जानू ना कैसी प्रीत शम्भू तुझसे लग रही
आती जाती सांस तेरा नाम ले रही
हम करते हैं प्राथ शम्भू जोड़ दोनों हाथ
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
रटत शम्भू जपत शम्भू शिव ही शिव हैं समाये
ओर शम्भू छोर शम्भू सत्य बस हैं शिवाये
रटत शम्भू जपत शम्भू शिव ही शिव हैं समाये
ओर शम्भू छोर शम्भू सत्य बस हैं शिवाये
माया हैं तेरी तू ही जाने खेल तू ही रचाये
माया हैं तेरी तू ही जाने खेल तू ही रचाये
हम तो शम्भू भूल दुनियां तेरी शरण में आये
लाना गौरा और संग लाना नंदी भी साथ
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
आदि अनंत के ज्ञाता करते कण कण में वास
आदि अनंत के ज्ञाता करते कण कण में वास
हर लो शम्भू कष्ट मेरे तुम्हे समर्पित सांस
भोले बाबा मेरी विनती को कर लो स्वीकार
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ
चले आना अबकी गंगा की धारा के साथ