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सोचेंगे तुम्हें प्यार करे कि नहीं
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे कि नहीं
ये दिल बेक़रार करे कि नहीं
ख़्वाबों में छुपाया तुमको, यादों में बसाया तुमको
ख़्वाबों में छुपाया तुमको, यादों में बसाया तुमको
मिलोगे हमें तुम, जानम, कहीं ना कहीं
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे कि नहीं
ये दिल बेक़रार करे कि नहीं
तुम हो खिलता महका सा कँवल
तुम हो खिलता महका सा कँवल
हम जो गाएँ तुम हो वो ग़ज़ल
कमसिन भोला सा मुखड़ा, लगती हो चाँद का एक टुकड़ा
हम कितनी तारीफ़ करें, देख के तुमको आहें भरें
तुम सा नहीं है कोई प्यारा सनम, प्यारा सनम
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे कि नहीं
ये दिल बेक़रार करे कि नहीं
जिस दिन तुमको देखेगी नज़र
जिस दिन तुमको देखेगी नज़र
जाने दिल पे होगा क्या असर
रखेंगे तुमको निगाहों में, भर लेंगे तुम्हें बाँहों में
ज़ुल्फ़ों को हम सुलझाएँगे, इश्क़ में दुनिया भुलाएँगे
ये बेक़रारी अब तो होगी ना कम, होगी ना कम
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे कि नहीं
ये दिल बेक़रार करे कि नहीं
ख़्वाबों में छुपाया तुमको, यादों में बसाया तुमको
ख़्वाबों में छुपाया तुमको, यादों में बसाया तुमको
मिलोगे हमें तुम, जानम, कहीं ना कहीं
सोचेंगे तुम्हें प्यार करे कि नहीं
ये दिल बेक़रार करे कि नहीं