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Lash curry क्या!
मैं जगा, जगा, जगा, पूरी रात-भर
मैं भागा, भागा, भागा, पीछे राक्षस
मैं जाना चाहता वहां, जहाँ शांति
गाना, गाना, गाना, गाना लगता मुझे शाप अब
मैं जगा, जगा, जगा, पूरी रात-भर
मैं भागा, भागा, भागा, पीछे राक्षस
मैं जाना चाहता वहां, जहाँ शांति
गाना, गाना, गाना, गाना लगता मुझे शाप अब
कहानी पारदर्शी, सभी का इस्तक़बाल
कमी किताबों की, पर स्कूल गया बस्ता डाल
कभी नि आ पायी दवाई मा की टाइम पर
आज मा की एक खांसी पे घर बना अस्पताल
खूबियाँ छोड़, वो कमियाँ बता के चले गयी
समझा था ज़िंदगी, ज़िंदगी समझा कर चले गई
बोला था, "एक गाने पे एक पेटी उठा लूंगा"
वो किसी महीने वाले की तनख्वाह पर चली गई
ना तलाशा मंदिरों में, मस्जिदों में खोया नहीं
बंदिशो में हँसता था पर ज़ंजीरो में रोया नहीं
लानत है उस बेटे पर जो चोरी करके मौज करता
बाप जिसका रात को चैन से कभी सोया नहीं
नए मकानो में मंदिर पुराना याद कर
हाथ जोड़, आस कर, गलतियों को माफ़ कर
बड़ा दिल, बड़ा घर, लम्बी, गहरी साँस भर
ज़ुबाँ मीठी उनके, जिनके खून लगा दाँत पर
ब्रो, मैं कहना चाहता बहुत कुछ
माता-पिता बहुत खुश, सन्नाटा देखा, रोज़ दुख
आता नहीं था लिखना, अब लिखता हूं बाते बहुत खूब
मोह नहीं, माया से गानों में सीधे मौत दूँ
बात सुनी मैंने घर की चार तोह दरकिनार नी करी कलाकारी
पड़ती मार जो झड़ती मार के, टपरी पार थे फर्जी चार
तोड़ के दीवारें धर की ले गए, थाने में बंद हुआ अबकी बार
बाप ने बोला,औलाद नी मेरी फिर बाप ने छुड़ाया अगली बार
चलते शो में आता कॉल, पापा बोले, किधर हो?
जल्दी आजा घर पे, मुझे परवाह नि तू जिधर हो
अब मैं जाता शो पे तोह उतारते हैं नज़र
मैं भी चढ़ता स्टेज पे, चेक पे पाँच फिगर हो
ये सारी चीज़ें एक रात में नि आई
मैं सो गया भूखा, रोटी खैरात में नि खाई
तू कलाकार अच्छा है, पर मन में तेरे खोट
वरना अच्छे-अच्छों के सफलता हाथ में नि आई
चीखूँ ज़ोर से, दीवारें मुझे खा जाएगी
चलता जा रहा, सड़क पता नहीं कहां जाएगी
आए दिन बस जायदात के कगज़ात पे मरपित
मैं घर का सबसे छोटा, मेरे हिस्से में तोह माँ आएगी
हेलो, अम्मी?
हाँ, बोल जान? खाना खाया, बेटा, आपने?
हाँ माँ, खा लिया
हाँ बेटा, ये नाच-गाना तोह चलता रहेगा
बेटा, थोड़े अपने सेहत पे भी ध्यान रखना, बेटा (हाँ मां)
हाँ, आजकल क्या है; पापा की भी तबियत वगैरह ठीक नी रहती है
हाँ मा, मैं अब (हाँ), करता हूं आपको बाद में कॉल, है ना? (हम्म)
येह, ढाई महीने बाद याद आया, मा से बात करूँ
पर एक सवाल, एक मलाल, कहां से स्टार्ट करूँ
कैसे बताऊँ, कल मैं रोया पूरी रात-भर हूं
लाचार मैं, नाराज़ बाप से क्या आस रखूँ
वो कहती मुझे, खाना खाया तूने?
बोला झूठ फिर से, खा लिया, बहाना आया
घर से बाहर जाता हूं तो देती पैसे मुझे
माँ-बाप को बूढ़ा होता देखा, तब कमाना आया
बड़ा बन'ने के चक्कर में जीवन छोटा हो गया
मैं व्यापारी का बेटा, घाटे का सौदा हो गया
जो नहीं होना था संग मेरे, होता वो गया
जीवन छलावा, साथ मेरे धोखा हो गया
दिल में आंधी लेके आया था, वो झोंका हो गया
मेरी हार पे जशन का तेरा मौका हो गया
माँ बोलती थी, बुरी संगत काम ना आएगी
खाई चोट तोह उसी पल से भरोसा हो गया
ये तोह बीते दिन की बात, हालात अब कुछ और
अब मा भी मेरे साथ, पापा से सब कुछ सॉर्ट
अफोर्ड मैं कर लेता, जो भी छोटे-मोटे शौक
इमोशनल इंसान हैं हम, रोते-वोते बोहोत
थका-हारा बहुत, बस मैं नशा चाह रहा रोज़
दुख हज़म नहीं कर पा रहा और ना पचा पा रहा क्रोध
ना बचा सका ये, ना बचा पा रहा वो
तुझे पता मेरी स्टोरी फिर क्यूं ठस्सा खा रहा, ब्रो?
मज़े के लिए नहीं चुना था मैंने संगीत
तोह कैसे रह लूँ एक दिन भी काम करे बिना
हर दिन मुझे लगता कि बचे हैं मेरे कम दिन
मैं खाक अगर मरा अपना नाम करे बिना
बातें मेरी रूह को तेरी आती थी ना छू के
मैं बस कलाकार हूं, तोह मुझसे जाति भी ना पूछे
स्वार्थ के लिए दूजे को खाई में गिरा दे
मतलब साँप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे
मैं जगा, जगा, जगा, पूरी रात-भर
मैं भागा, भागा, भागा, पीछे राक्षस
मैं जाना चाहता वहां, जहाँ शांति
गाना, गाना, गाना, गाना लगता मुझे शाप अब
मैं जगा, जगा, जगा, पूरी रात-भर
मैं भागा, भागा, भागा, पीछे राक्षस
मैं जाना चाहता वहां, जहाँ शांति
गाना, गाना, गाना, गाना लगता मुझे शाप अब