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आ आ आ दिल ही बुझा हुआ हो
तो फसल ए बहार क्या
दिल ही बुझा हुआ हो
तो फसल ए बहार क्या
साकी नचा शराब
हंसा अब मजाक क्या
साकी नचा शराब
हंसा अब मजाक क्या
दुनिया तले चला है
जब हसरतों का बोझ
दुनिया तले चला है
जब हसरतों का बोझ
साथी नहीं हैं सर पे
गुनाहों का बोझ क्या
साथी नहीं हैं सर पे
गुनाहों का बोझ क्या
दिल ही बुझा हुआ हो
तो फसल ए बहार क्या
बाद ए पाना क़ुज़ुन हैं
नाम ओ निशान किसके
बाद ए पाना क़ुज़ुन हैं
नाम ओ निशान किसके
जब हम नहीं रहे तो
रहेगा मज़ार क्या
जब हम नहीं रहे तो
रहेगा मज़ार क्या
दिल ही बुझा हुआ हो
तो फसल ए बहार क्या
दिल ही बुझा हुआ हो
तो फसल ए बहार क्या