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Sencillo / Pista
हर एक दिल में, हर एक कण में
तुम ही तुम तो बसते हो
वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, नभ
सब में तुम ही रहते हो
हर एक दिल में, हर एक कण में
तुम ही तुम तो बसते हो
वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, नभ
सब में तुम ही रहते हो
विश्व झलकता है पूरा...
विश्व झलकता है पूरा जब हो तेरा दर्शन
तुम ही हो निर्माण विश्व का, तुम ही हो धड़कन
जय गजानन, जय गजानन
जय गजानन, जय गजानन
राजेश्वर, तुम विश्व विनायक
जय गजानन
मानवता हो, कोई कला हो
या गुण हो, या निर्गुण हो
हो, मानवता हो, कोई कला हो
या गुण हो, या निर्गुण हो
जिज्ञासा हो, प्रश्न भी तुम हो
सुलझन भी तुम ही तुम हो
(मानवता हो, कोई कला हो)
(या गुण हो, या निर्गुण हो)
(जिज्ञासा हो, प्रश्न भी तुम हो)
(सुलझन भी तुम ही तुम हो)
बुद्धि के दाता हो तुम, मन का हो तुम दर्पण
तुम हो मूलाधार विश्व के, शिव-पार्वती नंदन
बुद्धि के दाता हो तुम, मन का हो तुम दर्पण
तुम हो मूलाधार विश्व के, शिव-पार्वती नंदन
शिव-पार्वती नंदन, शिव-पार्वती नंदन
हर एक दिल में, हर एक कण में
(तुम ही तुम तो बसते हो)
वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, नभ
(सब में तुम ही रहते हो)
विश्व झलकता है पूरा...
विश्व झलकता है पूरा जब हो तेरा दर्शन
तुम ही हो निर्माण विश्व का, तुम ही हो धड़कन
जय गजानन, जय गजानन
जय गजानन, जय गजानन
राजेश्वर, तुम विश्व विनायक
जय गजानन
आदि-अंत हो, तुम दिगंत हो
तुम अनंत हो, विश्वात्मा
हो, आदि-अंत हो, तुम दिगंत हो
तुम अनंत हो, विश्वात्मा
ध्याता तुम हो, धेय भी तुम हो
ध्यान भी तुम हो, परमात्मा
(आदि-अंत हो, तुम दिगंत हो)
(तुम अनंत हो, विश्वात्मा)
(ध्याता तुम हो, धेय भी तुम हो)
(ध्यान भी तुम हो, परमात्मा)
स्वयं प्रकाशी, ज्ञान ज्योत हो, तुम ही हो चिंतन
तुम हो राजा जगत रचैता, तुम ही हो जीवन
स्वयं प्रकाशी, ज्ञान ज्योत हो, तुम ही हो चिंतन
तुम हो राजा जगत रचैता, तुम ही हो जीवन
तुम ही हो जीवन, तुम ही हो जीवन
हर एक दिल में, हर एक कण में
(तुम ही तुम तो बसते हो)
वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, नभ
(सब में तुम ही रहते हो)
विश्व झलकता है पूरा...
विश्व झलकता है पूरा जब हो तेरा दर्शन
तुम ही हो निर्माण विश्व का, तुम ही हो धड़कन
जय गजानन, जय गजानन
जय गजानन, जय गजानन
राजेश्वर, तुम विश्व विनायक
जय गजानन
राजेश्वर, तुम विश्व विनायक
जय गजानन
राजेश्वर, तुम विश्व विनायक
जय गजानन