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इस दुनिया की बातें
मुझे पसंद नही आती मुझे समझ नही आती
आँखें बंद की जो
खुली कहीं और ही
भूल गये दिल की बातें
कायर कहते हैं ये मुझे
क़ैद हूँ मैं तुझमें निकलु तो निकलु कैसे
अबतक ना क्यू खबर थी
की क़ैद हूँ मैं खुद में ही
की क़ैद हूँ मैं खुद में ही