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Sencillo / Pista
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
अगर हो इनायत, ऐ जान-ए-मोहब्बत
बना दीजिए इनको क़िस्मत हमारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
जो सब से जुदा है, वो अंदाज़ हो तुम
छुपा था जो दिल में, वही राज़ हो तुम
जो सब से जुदा है, वो अंदाज़ हो तुम
छुपा था जो दिल में, वही राज़ हो तुम
तुम्हारी नज़ाकत बनी जब से चाहत
सुकूँ बन गई है हर एक बेक़रारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी