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ना दिन में चैन, ना रात को आराम
सुबह-शाम सिर्फ़ तेरा ही नाम
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुमसे इश्क़ निभाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तेरे बिन है जीना मेरा बे-वजह
मेरी आशिक़ी का है तू आसरा
यारा, है जब से मुझे तू मिला
बस तेरी ही यादों का है सिलसिला
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है
वो तेरी-मेरी मुलाक़ातों का मौसम
जाता नहीं है मेरे दिल से वो आलम
बन के निशानी जल रहा है सीने में
हर पल तेरा इश्क़, ए मेरे हमदम
तेरे वास्ते हैं मेरी अर्ज़ियाँ
हैं तुझसे मेरी सारी मनमर्ज़ियाँ
तेरे ही लिए मेरी सरगोशियाँ
तू कर दे मुकम्मल मेरी यारियाँ
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तेरी गली में जब से दुनिया बसाई
आँखों में सागर, नमी दिल पे है छाई
बुझ ना सकेगा तेरी यादों का लावा
साँसों में ख़ुशबू तेरी है समाई
मेरी ये तड़प, ये मेरी तिश्नगी
है तुझसे ही अब तो मेरी बंदगी
ज़रा झाँक के देख ले दिल में तू
नज़र आएगी मेरी दीवानगी
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें दिल में बसाना है
तुम्हें अपना बनाना है
तुम्हें अपना बनाना है