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Sencillo / Pista
ओ बंदेया… ओ बंदेया!
ओ बंदेया… ओ बंदेया!
ओ… बंदेया ओ बंदेया
तेरी मंज़िलें हुई गुमशुदा
फिर भी रास्ता है तेरा महेरमान
ओ मीयर-ए-कारवाँ, तेरी राहों पे रवाँ
की मेरे नसीबों में हो कोई तो दुआ
ओ मीयर-ए-कारवाँ
ले चल मुझे वहाँ
ये रात बने जहाँ सुबह
मीयर-ए-कारवाँ
ओ मीयर-ए-कारवाँ
ओ बस कर दिल अब
बस कर भी
हो.. बस कर दिल
बस कर भी यूयेसेस राह जाना ही नही
पल दो पल का साथ सफ़र
फिर होगी जुड़ा रहगुज़ार
नादिया थाम के जो बहते रहे
मिलते हैं वो किनारे कहाँ
ओ मीयर-ए-कारवाँ, तेरी राहों पे रवाँ
की मेरे नसीबों में हो कोई तो दुआ
ओ मीयर-ए-कारवाँ
ले चल मुझे वहाँ
ये रात बने जहाँ सुबह
मीयर-ए-कारवाँ
ओ मीयर-ए-कारवाँ
ओ
बहार क्यूँ तेरे दर्र ना आती
है क्या भरम जो नज़र दिखती
अब और कितनी ये रात बाकी
है रात बाकी, ये रात बाकी
निगल ना जायें मुझे ये साए
गले में घुट'ती हैं सर्द आहें
बता ओ बंदे क्यूँ मॅट खाए
क्यूँ मॅट खाए
हा लागे ना दिल अब, लागे नही
हा लागे ना दिल अब, लागे नही
मेरे पैरों तले निकली जो ज़मीन
इश्स बस्ती में था मेरा घर
उसे किस की लगी फिर नज़र
वो जो सपनो का था काफिला
ऐसा झुलसा की अब है डुआं
ओ मीयर-ए-कारवाँ, तेरी राहों पे रवाँ
की मेरे नसीबों में हो कोई तो दुआ
ओ मीयर-ए-कारवाँ
ले चल मुझे वहाँ
ये रात बने जहाँ सुबह
मीयर-ए-कारवाँ
चल अकेला राही
चल चल अकेला राही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
चल अकेला राही
चल चल अकेला राही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
चल अकेला राही
चल चल अकेला राही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
चल अकेला राही
चल चल अकेला राही
हाफ़िज़ तेरा इलाही
हाफ़िज़ तेरा इलाही