दिन के उजालों में मेरी यादें सजा लेना
रातों के अँधेरों में तुम चाँद जला देना
मेरी मोहब्बत हो जिनमें वो आँखें रहें ना नम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
जब सावन की बारिश हो, तुम बाँहें खोल के रखना
आए खिड़की से हवा, महसूस मुझे तुम करना
जब सावन की बारिश हो, तुम बाँहें खोल के रखना
आए खिड़की से हवा, महसूस मुझे तुम करना
यादें बनाओ तुम इतनी...
यादें बनाओ तुम इतनी, मेरी यादें पड़ें ना कम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
हाँ, जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
अपनी तस्वीरों से तुम क़िस्से फिर जी लेना
जब चाय कभी बनाओ तो मेरे हिस्से की भी पी लेना
हाँ, अपनी तस्वीरों से तुम क़िस्से फिर जी लेना
जब चाय कभी बनाओ तो मेरे हिस्से की पी लेना
इतना जी लो साथ मेरे, मेरा ग़म भी लगे ना ग़म
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम
जब भी मेरी याद आए तो मुस्कुरा लेना तुम