दिल बेज़ार ये
कभी ना होता
दी, कैसी सज़ा
रह गये अधूरे जो संग तेरे ख्वाब थे
कह रही है आँखे सब जो तू कह ना सके
जाने अब कैसे ये जो दिन मेरे
बिन तेरे बदल गये
तूने क्यू कुछ ना कहा
जानू तू
में जानू ना
हा है क्या
की मुझे होश आ गया
कैसे ये जो दिन मेरे, पल मे ही, बदल गये
बदल गये
पल मे ही, बदल गये