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अंजनी रहे हैं, रहे हैं, रहे हैं...
अंजनी मंज़िल मंज़िल मंज़िल...
अंजनी रहे हैं अंजनी मंज़िल, जेनी कहा कल को ले जाए ये दिल
किस मोड़ पर किस्मत मिले, च्चेरे पे चाहत लिए
चल दिए चल दिए, जिंदगी को गले से लगाने
चल दिए चल दिए, ना सोचा ना समझा ना पूजा
बस चल दिए
(देखा तो नही मगर, ख्वाबो मे उसीकि परछाई है
वो है खुश्बू कई जू महके हवाए ले आई हैं) - 2
निकले हैं आज कदम ये, (जहा भर के अरमान लिए -2)
(आता जो नही नज़र, चहेरा वही हैं इन्न आखो मे
पास वो नही मगर, साथी हैं वही तो इन्न रहो मे) - 2
यही तो मेरा हमसफ़र हैं, (उसे ढूँडने के लिए -2)