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Sencillo / Pista
फिर ना कभी तुम मिल पाओगे
हर पल यही कसक है
लग जाओ आ के गले से हमारे
ये आखिरी अरज़ है
जैसे भी जाऊं तुमको ही पाऊं
हर राह तुम्हारी तरफ हैं
लग जाओ आ के गले से हमारे
ये आखिरी अरज़ है
फिर ना कभी तुम मिल पाओगे
हर पल यही कसक है
ज़िन्दगी में हर पल तेरी कमी है
फिर क्यों ये लगता है बस तूहीं यहीं
नज़रों में तेरी ऐसी मीठी हंसी है
जैसे तुमने मुझसे कोई बात कही
हो जाऊं पागल
आवारा बादल
जाने ये कैसी तड़प है
लग जाओ आ के गले से हमारे
ये आखिरी अरज़ है
फिर ना कभी तुम मिल पाओगे
हर पल यही कसक है
जितने ये मंजर और जितनी हवा है
उससे कहीं ज्यादा मेरे दिल में वफ़ा
ऐसी सादगी से तेरा नाम लिया है
जैसे तेरे होंठों को मैंने छुआ
यूं आते जाते
तुम हो मिल जाते
तुझ पे मेरी नज़र है
लग जाओ आ के गले से हमारे
ये आखिरी अरज़ है
फिर ना कभी तुम मिल पाओगे
हर पल यही कसक है