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आ आ आ आ आ आ आ आ
हाथों में जब तलवार ले, मारे या खुद को मार ले
काली घनेरी रात में, बिजली बने बरसात में
नारी की रक्षा करे, नारी किसी से ना डरे
संघावनी जगदम्बिका, नारी बने जब चंडिका
प्रतिघात की ज्वाला जले, प्रतिशोध जब लेने चले