जाने क्यूँ मुझसे खफा है तू
वाजिब सी कोई वजह दे
पहले गुनाह तो बता मेरा
फिर चाहे कोई सज़ा दे
कुछ हाल था दिल का बुरा
कुछ हो गयी दूरियाँ
बस कर गयी हुमको जुड़ा
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
क्यूँ है तेरे और मेरे दरमियाँ
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
नज़दीकियाँ सभी याद कर
जब बाज़ुओं में थी रात भर
हसीन कितनी हर मुलाक़ात थी
है बेरूख़ी यह किस बात पर
अब हो गये हालात यूँ
चेहरे क्या दिल भी हुए अजनबी
कह ना सके हुंसे कभी
ऐसी भी क्या थी मजबूरियाँ
जो कर गयी हुमको जुड़ा
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
देखा पलट कर बता क्यूँ नही
आवाज़ मुदके दी मैने काई
जिस राह पे हम जुड़ा थे हुए
आँखें रुकीं हैं वहीं आज भी
कभी पास कितने थे तुम और मैं
क्यूँ वो जगह है दरारों में ही
मैं हर घड़ी हूँ यह सोचता
क्यूँ कर गयी हुमको जुड़ा
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया, ग़लतफहमिया
ग़लतफहमिया