काली काली राते मेरी
ये..खाली खाली राते मेरी
दिन में ना आए कभी
ख्वाबो की तो तू रानी मेरी
ये जुदाई के गम तड़पाए मुझे
मचाए ये दिल में जलन
तुझे ढूंड नजर तरसती मेरी
जाना याद है तुझ को क्या हम?
दिन में भी बाते तेरी
यादों से मेरी जाती नहीं
काली काली राते मेरी
ये..खाली खाली राते मेरी
खाबों में रख ली छुपा कर
नजरों से सब के बचा कर
दिल में अपने बसा कर
यादे तेरी
देखू मैं तेरी हसी जो
छूलू मैं तेरी नजर को
बोलू मैं तेरे लबों को
तु है मेरी
मिलता ही नहीं सुकून कहीं
बस चैन बने हो तुम
तुझे देख तो ले इन खाबों में हम
क्या? तुझको भी मिलते हैं हम
काली काली राते मेरी
ये..खाली खाली राते मेरी
काली काली राते मेरी
ये..खाली खाली राते मेरी