अंत है जो पाप का वो पापियों का काल है
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
ज़िंदगी का सत्य, सत्य है, वही तो ज्ञान है
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
आदि है ना अंत, वो अनंत महाकाल है
प्रेम का वो रंग बने, क्रोध में भूचाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
बोलो, "जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल"
पूरी दुनिया हिले, थर्राए, ओ, शिवा, जब तू तांडव मचाए
कोई नहीं तीनों लोक में जो तेरे क्रोध को शांत कराए
भूखे का भोजन है शिव, जो है गंगा को शीश बसाए
मुझे मुक्ति का मार्ग लगे है, कहना "ॐ नमः शिवाय"
अंत है जो पाप का वो पापियों का काल है
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
ज़िंदगी का सत्य, सत्य है, वही तो ज्ञान है
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
आदि है ना अंत, वो अनंत महाकाल है
प्रेम का वो रंग बने, क्रोध में भूचाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
बोलो, "जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल"
(ॐ नमः शिवाय)
(ॐ नमः शिवाय)
(ॐ नमः शिवाय)
(ॐ नमः शिवाय)
(ॐ नमः शिवाय)
(ॐ नमः शिवाय)
नीलकंठ, मैं तेरा ही साया, उतरा पार तुझे जिसने ध्याया
अमरनाथ में तेरा डमरू बाजे, चंद्रमा तेरे माथे पे साया
सादगी का तू गहरा समंदर, जो मन से उतारे है माया
ढूँढा मैंने तो हर एक दिशा में, ना तेरे जैसा कोई रूप पाया
अंत है जो पाप का वो पापियों का काल है
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
ज़िंदगी का सत्य, सत्य है, वही तो ज्ञान है
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
आदि है ना अंत, वो अनंत महाकाल है
प्रेम का वो रंग बने, क्रोध में भूचाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
बोलो, "जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल
जय-जय, जय महाकाल, महाकाल, महाकाल"
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)
(शिवा-शिवा, शिवा-शिवा-शिवा)