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रख लो तुम छुपा के, फ़िर ख़त लिख के ही कहना
सिमटी-सी लिखाई में ही भरना अपना ग़म
मुझे रखती हो छुपा के, बटोर लो, कहीं पे जोड़ दो (जोड़ दो)
लिफ़ाफ़े में सजा के (सजा के), हमें ऐसी यूँ सज़ा दो (सज़ा दो)
कि हम पढ़ के जानें ग़लती और ग़लती कल से ना हो
हमें ऐसी एक सज़ा दो कि हम जानें सारी दूरी
हम से जो रूठ गई हो, रहती चुप होके पूरे दिन
तुम लिख लो जैसे कटघरे में हम ख़त पढ़ लेंगे शौक़ से
इस एक पल के बहाने फ़िर हम ग़लती से पास आएँगे
फ़िर कहने की थी ग़लती और उसका क्या ही कहना
रख लो तुम छुपा के, फ़िर खत लिख के ही कहना
सिमटी-सी लिखाई में ही भरना अपना ग़म
रख लो तुम छुपा के, फ़िर खत लिख के ही कहना
सिमटी-सी लिखाई में ही भरना अपना ग़म
Ayo, that was Keychain Laalu
अगर आपको अच्छा लगा, please, do let me know, man
My name is Arpit Bala, shoutout Big Music, man
That's all, thank you so much for listening