तू मुझमे बसा है ऐसे
पानी में रंग हो जैसे
तेरे साथ में रहना चाहूं
दरिया में धार के जैसे
तू मुझमे बसा है ऐसे
पानी में रंग हो जैसे
तेरे साथ में रहना चाहूं
दरिया में धार के जैसे
मरके भी ना मैं मरना चाहूं
तू मुझमे बसी हैं ऐसे
मैं पगला नहीं बदला रे
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
तेरे इश्क में
हो मैं पगली नहीं बदला रे
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
तेरे इश्क में
किस्मत में ऐसी तय जो सजा थी
दिल ये लगाने की जरूरत ही क्या थी
किस्मत में ऐसी तय जो सजा थी
दिल ये लगाने की जरूरत ही क्या थी
सपने जो देखें थे वो खो गए हवाओं में
कुछ ना असर था रब्बा क्या मेरी दुवाओं में
तेरा होके भी ना हो पाऊ आँखों के आंसू जैसे
मैं पगला नहीं बदला रे
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
हो मैं पगली नहीं बदला रे
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
तेरे इश्क में
आँखों के आंसुओं को कैसे छुपाऊं
तू ही बता तुझे कैसे मैं पाऊं
आँखों के आंसुओं को कैसे छुपाऊं
तू ही बता तुझे कैसे मैं पाऊं
तनहा रहके तन्हाई बरदास करूँ मैं कैसे
तेरे बिन तड़पु ऐसे पानी बिन मछली जैसे
जैसे धड़कन हर सांस मैं है तू मुझमे बसी है ऐसे
मैं पगला नहीं बदला रे
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
हो मैं पगली नहीं बदला रे
तेरे इश्क में तेरे इश्क में
तेरे इश्क में तेरे इश्क में