हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस एक और दिन समय पे जाना है, पैसा कमाना
बस एक और दिन मुझे सुन के आना है, शाम तक भूल जाना
बस एक और दिन मुझे वापिस आना है, time से सो जाना
बस एक और दिन जब घर आके मैं नहीं कर रहा कोई गाना
आज-कल मैं गा नहीं पा रहा था
वो बातें बता नहीं पा रहा था
था हुआ एहसास कि हो रहा जो साथ
वो सब मैं नहीं स्वीकार कर पा रहा था
था इतना सब काम कि सुबह से शाम का
साला, हिसाब नहीं आ रहा था
I don't know कि "क्या था हो रहा और क्या था चल रहा?"
"मैं क्या ही चाह रहा था?" (क्या ही चाह रहा था?)
I guess कि मैं smart हूँ नहीं
क्यूँकि senior'on की चाटी नहीं, सुनीं गाली कई
सोचा था कि करूँगा मैं काम
पर है office ethic आती नहीं, मुझे आदत नहीं
बाद में करूँगा, बाद में याद नहीं रखूँगा
घंटे का काम एक, मैं तो चार में करूँगा
अपने-आप से सहूँगा, अपने-आप में रहूँगा
मुझे नहीं है शिकायत, पैसा छापते रहूँगा
अब daily का काम है (काम है)
हो जाती रोज़ शाम है (शाम है)
और काफ़ी बार होती नहीं लिखने की जान है (जान है)
ये सब नहीं आसान है (आसान है)
क्या दे रहा हूँ जान मैं (जान मैं)?
क्या सब-कुछ कुर्बान है (कुर्बान है)?
कुर्बान है तो मेरा मन क्यूँ परेशान है (परेशान है)?
क्या दिक्कत की बात है (बात है, बात है)?
ऐसा नहीं है कि मैं ख़ुद को समझाता नहीं
ज़बरदस्ती मेरे मन को मनाता नहीं
अब बस कहता हूँ ख़ुद को, "कल आना यहीं"
क्यूँकि एक दिन से मुझको है जाना नहीं
तो बस एक और दिन
हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
हाँ, बस एक और दिन (बस, बस, बस, बस, बस)
बस, बस, बस, बस, बस, बस