अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तराहा कोन मुझे चाहेगा
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
तुम्हें जरूर कोई चाहतो से देखेंगे
तुम्हें जरूर कोई चाहतो से देखेंगे
मगर वो आंखे हमारी कहा से लायेगा
मगर तुम्हारी तराहा कोन मुझे चाहेगा
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
तुम्हारे साथ ये मौसम बड़ा सुहाना लगे
तुम्हारे साथ ये मौसम बड़ा सुहाना लगे
तुम्हारे साथ ये मौसम बड़ा सुहाना लगे
तुम्हारे बाद ये मौसम बहुत सताएगा
मगर तुम्हारी तराहा कोन मुझे चाहेगा
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मैं अपनी राह में दीवार बनके बैठा हुं
मैं अपनी राह में दीवार बांके बैठा हुं
अगर वो आया तो किस रास्ते से आएगा
मगर तुम्हारी तराहा कोन मुझे चाहेगा
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा