भीड़ में बैठा हूं मां
कल्ला सा फील होवे
आवाज तेरी सुनके ने मां
दिल मेरा हील होवे
रोणा भी आ जावे से सोया फेर जावे ना
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना
बिगाने देश में बैठे दिमाग में गांव चले
ऊरे कोए अपना कोनी म्हारा गांव में नाम चले
जरूरी जै पिस्सा ना होता छोड़ा ना गांव जावे था
ऊरे दिन रात करूं वो करना जो ना काम आवे था
पंजे ताले महंगा ट्रक से पर घर का राह पावे ना
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना
बाबू ते कह ना सका जो आज तने कह जाऊं के
थारे बिना शहर मेरा ना घर मां रह जाऊं के
छोटी बेबे के भी मां मेरे हिस्से के लाड़ लड़िए
इब तेरा लाल कमावे बाबू ने या समझाइए
ऐश की जिंदगी जीनी खीता में ना हाड़ तुड़ाइए
बाबू मेरा राजी रहवे और मने कुछ ना चाइए
बाबू मेरा राजी रहवे और मने कुछ ना चाइए
बेटा थारा 100 का 100 से गलत कामा में पावे ना
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना
सपना ऊपर आले मेरा सच्चा बना दे ने
मां की गोदी में सो जाऊं बच्चा बना दे ने
ना होना समझदार मने कच्चा बना दे ने
मां की गोदी में सो जाऊं बच्चा बना दे ने
बैठूं बाबू के कांधे दिल मेरा यो छावे मां
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना
रोटी तेरे हाथा की याद घणी आवे मां
जिंदगी या लंबी होगी काटी ही जावे ना