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ओ खाटू वाले श्याम की महिमा,
हो जग में सबसे न्यारी है।
ओ हाथ पकड़ लो मेरे ओ बाबा,
हिम्मत मैंने हारी है॥
ओ हाथ पकड़ लो मेरे ओ बाबा
हिम्मत मैंने हारी है॥
ओ खाटू वाले श्याम की महिमा,
हो जग में सबसे न्यारी है ।
हाथ पकड़ लो मेरे श्याम,
अब हिम्मत मैंने हारी है॥
हाथ पकड़ लो मेरे श्याम
अब हिम्मत मैंने हारी है॥
हो नंगे पैर मैं दौड़ा आया,
पाँव मैं पड़ गे छाले है।
कष्टों को अब दूर करो,
बस आप ही अब रखवाले है॥
कष्टों को अब दूर करो,
बस आप ही अब रखवाले है॥
ओ शरण में लेल्यो ओ श्याम ओ प्यारे,
तू ही कृष्ण मुरारी है।
ओ हाथ पकड़ लो मेरे श्याम,
अब हिम्मत मैंने हारी है॥
ओ हाथ पकड़ लो आकर मेरा,
हिम्मत मैंने हारी है॥
ओ दुखीयों का बस श्याम हमारा,
निर्धन को देता माया।
जिसने जो भी तुमसे मांगा,
झोली भरकर ही पाया॥
हो जिसने जो भी तुमसे मांगा,
झोली भरकर ही पाया॥
ओ शीश के दानी बाबा तेरी,
सूरत बड़ी ही प्यारी है।
ओ हाथ पकड़ लो मेरे श्याम,
अब हिम्मत मैंने हारी है॥
ओ हाथ पकड़ लो आकर मेरा,
हिम्मत मैंने हारी है॥
तेरे धाम पे आकर के जो,
कोई अर्ज लगा दे है।
नियत जिसकी साफ़ है रहती,
मन वांछित फल पाते है॥
हो नियत जिनकी साफ़ है रहती,
मन वांछित फल पाते है॥
विजय राजपूत की जिन्दगानी,
तूमने ही सँवारी है।
ओ हाथ पकड़ लो मेरे श्याम,
अब हिम्मत मैंने हारी है॥
ओ हाथ पकड़ लो मेरे श्याम,
अब हिम्मत मैंने हारी है॥