तेरे घावों से हम चंगे हुए
तेरे लहू से अनुग्रह मिला।
परमेश्वर का मेमना तू
हमारा हर ऋण तूने लिया।
तेरी पीड़ा से जीवन पाया
तेरे प्रेम से उद्धार मिला।
तेरी पीठ पर कोड़े पड़े
प्रेम अपार था।
काँटों का मुकुट, कीलों का दर्द
सब स्वीकार था।
निर्दयी वृक्ष पर तू लटका
फिर भी क्षमा का स्वर था खरा।
तेरे घावों से हम चंगे हुए
तेरे लहू से अनुग्रह मिला।
परमेश्वर का मेमना तू
हमारा हर ऋण तूने लिया।
तेरी पीड़ा से जीवन पाया
तेरे प्रेम से उद्धार मिला।
निर्दोष होकर दोषी ठहरा
चुपचाप तूने सब सहा।
त्यागा गया, ठुकराया गया
फिर भी प्रेम ही तूने कहा।
स्वर्ग सिंहासन से बहता
तेरा दया का सागर रहा।
कब्र बंद थी, अंधेरा घना
आशा जैसे खो गई थी।
पर तीसरे दिन तू जी उठा
मृत्यु पर जय हो गई थी।
नई सुबह का प्रकाश बना
अनंत जीवन की ज्योति जली।
तेरे घावों से हम चंगे हुए
तेरे लहू से अनुग्रह मिला।
परमेश्वर का मेमना तू
हमारा हर ऋण तूने लिया।
तेरी पीड़ा से जीवन पाया
तेरे प्रेम से उद्धार मिला।
यीशु, मेरे उद्धारकर्ता
यह हृदय सदा तेरा रहे।
तेरे प्रेम को गाऊँ जीवन भर
तेरे घावों में आश्रय मिले।
आमेन आमेन
आमेन आमेन