
जान ओ मेरी जान क्यूँ हो खफा
मेरे दिल की सुन आवाज
सुनले अब खुल जायेंगे राज
देखे मेरी आँखों में जो
चढ़ जाये नशा
नजरें मिला के देख
जान पास आके देख
जाम ढूढ़ता है तू क्या
गम रातों के ओ शहजादे
गम तेरा पता
कैसी तांक-झांक में
ये उलझी सी तलाश में
शिकार ढूढ़ता है तू क्या
शाम है पहेली ये रात अजनबी सी
छायी बेचैनियाँ
जान भी अकेली कोई थाम ले हथेली
क्यूँ ये बेताबियाँ
देखी मेरी आँखों में जो चढ़ जाये नशा
नजरें मिला के देख
जान पास आके देख
जाम ढूढ़ता है तू क्या
खामोशियाँ भी ये तेरी
बयाँ तेरी कहानी
बहकी सी बहती सी शामें
जो थी रूहानी
शाम है पहेली ये
रात अजनबी सी
छायी बेचैनियाँ
जान भी अकेली कोई थाम ले हथेली
क्यूँ ये बेताबियाँ
देखी मेरी आँखों में जो चढ़ जाये नशा
नजरें मिला के देख
जान पास आके देख
जाम ढूढ़ता है तू क्या
गम रातों के ओ शहजादे
गम तेरा पता
कैसी तांक-झांक में
ये उलझी सी तलाश में
शिकार ढूढ़ता है तू क्या
देखी मेरी आँखों में जो चढ़ जाये नशा
नजरें मिला के देख
जान पास आके देख
जाम ढूढ़ता है तू क्या