
दिल नु समझाया दिन रात वे
आउंदा नहीं बाज़, करता मेरा बुरा हाल वे
हाथ ला के वेखो मेरे हार्ट ते
धड़कन दी ताल भी तेरे नाम ते
ऐसा क्या
तू ने किया
तू ने किया
यूँ मेरे साथ
ऐसा क्या
तू ने किया
अपना एहसास भी भूल गया
इश्क़ में तेरे मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
आई हरे किथों
मन्नु खीच के कद्देया
गुमां दी गहराइयां दे विचों
सोहने जिये बहार इच रखेया
दिली सदा यार तू बनेया
दिली मेरे जगा नु तू मलया
अपने नवीं ते तेरे आन
ज़िंदगी से गिले थे सब छोड़ आए हम पीछे
इस बेचैनी का मरहम है पाया तुझी में
मेरा हाथ थाम, साला साल दिखाएंगे जी के
रह के प्यार के इस, धीरे से
आंचल के बीच में
सर पीठते
डोर ऐसी लोग सर पीठते
साडे ने मिजाज हूर, एथे याद तेरी चलदी रिपीट ते
इश्क़ आतिश, मौसम ए गरमा
फुर्कत साल, क़ुरबत लम्हा
तन्हाई भी ना कर सके तन्हा
तू आए ते फेर रुलना भी जचदा
दिल नु समझाया दिन रात वे
आउंदा नहीं बाज़, करता मेरा बुरा हाल वे
हाथ ला के वेखो मेरे हार्ट ते
धड़कन दी ताल भी तेरे नाम ते
ऐसा क्या
तू ने किया
तू ने किया
यूँ मेरे साथ
ऐसा क्या
तू ने किया
अपना एहसास भी भूल गया
इश्क़ में तेरे मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
मैं रुल गया
आ आ आ आ आ