रुकी-रुकी सी है ये कहानी
उम्मीदों से भरी मेरी कहानी
दुखी-दुखी सी है ये कहानी
उम्मीदों में उलझी मेरी कहानी
बादल से छाए यहाँ पे, यहाँ पे
प्यार की लहरें कहाँ है? कहाँ है?
समझूँ ना मतलब किसी का कभी भी
ये आँखों की बारिश ना जाए, ना जाए
खुली हुई सी दिल में जगह भी
मिले नहीं, मगर, कोई दवा कभी
खुली हुई सी है ये हवा भी
शायद मिले यहीं कोई दवा अभी
बादल से छाए यहाँ पे, यहाँ पे
प्यार की लहरें यहाँ है
क्यूँ समझूँ ना मतलब किसी का कभी भी?
ये आँखों की बारिश ना जाए
ये सपनों की दुनिया कहाँ है?
शायद ये तुमको पता है