हँसी ये तेरी खुशनसीबी मेरी
बसी है ऐसे मेरे दिल में जैसे धूप सर्द में पड़े
मिल गया जो है मुझे ये साथी
सोचता हूँ ज़माने से कहा थी
क्यों ना सुने अर्ज़ ये मेरी तू
जानने लगे तुम्हें
क्यों ना माने
कि हर पल दिल तेरे लिए धड़कता है
आजमा ले इन आँखों में
तो तेरा ही चेहरा है
नई लहर है और है नई सुबह ये
ज़िंदगी में खुशी की तू वजह है
हाँ मानता मैं हूँ
मन था मेरा तितलियों के जैसा.
छा गया जो है जादू तेरा कैसा
दिल की तारे यूँ बजे
बार बार मेरे
क्या बताऊँ मैं तुम्हें
क्यों ना माने
कि हर पल दिल तेरे लिए धड़कता है
आजमा ले इन आँखों में
तो बस तेरा ही चेहरा है
हैरान सा ना जाने क्यों लगे
राब्ता तुम ही से जो रहे
कर ले क़बूल वजूद मेरा
बन गया तू मेरा आशना
क्यों ना माने
कि हर पल दिल
तेरे लिए धड़कता है
आजमा ले इन आँखों में
तो बस तेरा ही चेहरा है
आजमा के तो देख ज़रा