चहिए तन्ने १६ दुनी आठ बागड़ो
तेरे बरगे देखे घणे जाट बागड़ो
खोलना नहीं हुस्सन की मे हाठ बागड़ो
अर मन मे तो कदे कोनी छाज बागड़ो
चहिए तन्ने १६ दुनी आठ बागड़ो
तेरे बरगे देखे घणे जाट बागड़ो
खोलना नहीं हुस्सन की मे हाठ बागड़ो
अर मन मे तो कदे कोनी छाज बागड़ो
तने लागे से न्यू छोरी हम बैठे तेरी बाट में
फर्क नहीं बेरया तन्ने लोहा और काठ में
जिंदगी जिरे सां छोरी गजब की ठाठ में
कौन सी कमी या तन्ने लागी इस जाट में
हामी भरे से ए सारा यो बाजार यारां की
छोरी चारों पासे उधार यारां की
हम अड़न और लड़न आले मानस सा छोरी
रे या दुनिया से शुक्र गुजार यारां की
यार किसे चीज में ना तने गाठ मिलेंगे
किते फोड़ ३६०० तो किते साथ मिलेंगे
घी-दूध ते भरे हुए माट मिलेंगे
तेरे आच्छे यें कर्म जे जाट मिलेंगे
तेरे दिल में बसा ले कदे धोखा नहीं मिलेगा
छोरी फिर तने बार-बार मौका नहीं मिलेगा
१६ किलां का यो पता पड़ा main road पे
मेरे बरगा यो जाट तन्ने सौखा नहीं मिलेगा
चहिए तन्ने १६ दुनी आठ बागड़ो
तेरे बरगे देखे घणे जाट बागड़ो
खोलना नहीं हुस्सन की मे हाठ बागड़ो
अर मन मे तो कदे कोनी खाट बागड़ो
एक साँस में ए बोतल की तली ला दयां करां
हम मार के शर्त घी की पली खा ज्या करां
और बैरिया की नसां में को नली ला दया करां
Hip-hop में भी रागनी की कली गा दयां करां
याडे पिए पाछे ओले-सोले fire चालया करें
म्हारे दादा लाई यारी और बैर चालया करां
म्हारे सुख-दुख सबका ए सांडा होवे से
कदे चौधर नी भाईयां के बगैर चालया करे
इस जाट गैल रवै से यो छोरा चमा_ का
होके,रोटी-पानी में यो सीर से सारयां का
यारां की मिसाल पूरा area देवे से
रुक्का-रोला से रै इन Khasa Aale Chahar'an का
करले plan मेरी गैल में तू शादी
गाम बस जयागा घर इस छोरे अलबादी का
शुक्र मना के रोज सोया करेगी तूँ
जद प्यार मिलेगा तन्ने मां और दादी का
चहिए तन्ने १६ दुनी आठ बागड़ो
तेरे बरगे देखे घणे जाट बागड़ो
खोलना नहीं हुस्सन की मे हाठ बागड़ो
अर मन मे तो कदे कोनी खाट बागड़ो
कदे चाची कदे ताई
कई नाते मिलेंगे
तन्ने बाजरे के टिक्कड़ यें खाते मिलेंगे
याडे बोरियां में आवे से गुड़ और चीनी
म्हारे बानिए के चालते खाते मिलेंगे
तेरे रूप की चमक जैसे जेठ की दोपहर
तेरे हाथ देख लो या चाहे लयो पैर
कैसे शब्दां मे करुं मैं बयान खूबसूरती रे
आँख भी यें तेरी दोनों मारे सीधे fire
12 तोला की या मेहल तन्ने लया दूंगा सुनार
लाख आला चूड़ा लया दयूं जयपुर के बाजार ते
मन में जो आवे सारी चीज ही मैं ला दयूं
दिल्ली शहर के छोरी उस मीना बाजार ते
कई ढाल की यें छोरी तन्ने धोक भी लुवावेंगे
पर कई बात पे रोक भी लगावेंगे
फूकनी पड़ेगी मिर्च वार के तेरे पे
क्योंकि सुथरी घणी से ज्यांते टोक भी लगावेंगे
चहिए तन्ने १६ दुनी आठ बागड़ो
तेरे बरगे देखे घणे जाट बागड़ो
खोलना नहीं हुस्सन की मे हाठ बागड़ो
अर मन मे तो कदे कोनी खाट बागड़ो
चहिए तन्ने १६ दुनी आठ बागड़ो
तेरे बरगे देखे घणे जाट बागड़ो
खोलना नहीं हुस्सन की मे हाठ बागड़ो
अर मन मे तो कदे कोनी छाज बागड़ो