तेरी आँखों का फ़ितूर, तेरी आँखों का फ़ितूर
तेरी आँखों का फ़ितूर, तेरी आँखों का फ़ितूर
तेरी आँखों का फ़ितूर मुझे क्यों मदहोश करे
ना जा हमसे दूर, हम दोनों यूँ खोगये
तू आई ख़ुद से, मुझे ना तू दोष दे
ना हो बदमिज़ाज़, रह ले अपने होश में
चमके जैसे क़ल्याण
मेरी बाहों में ज़ुल्फ़ें रखे जैसे मैं सरताज
ना रूठे रातों में
क्योंकि उसकी कमी मेरी पहचान
Fuck it up, यही तेरी पहचान
इस भीड़ में मुझे पहचान ले
तू न जाने मेरे बारे में
फिर भी खिंची आती इस रास्ते
ओ रांझणा, ना छोड़ ये नगर
रुक जा पिया, कर ले थोड़ी फ़िक्र
बेगम फँस जाती इन बातों में
ना जाए कहीं तू और
मैं चाहूँ तेरा फ़ितूर
मैं चाहूँ तेरा फ़ितूर
तेरी आँखों का फ़ितूर मुझे क्यों मदहोश करे
ना जा हमसे दूर, हम दोनों यूँ खो गए
तू आई ख़ुद से, मुझे ना तू दोष दे
ना हो बदमिज़ाज़, रह ले अपने होश में