अपनी है तू अंजुमन की तू जान
महक भी है तू तुझ सा कोई कहाँ
अपनी है तू अंजुमन की तू जान
महक भी है तू तुझ सा कोई कहाँ
कोई मेरे जैसी ना होगी यहाँ होगी यहाँ
कोई मेरे जैसी ना होगी यहाँ होगी यहाँ
सबसे जुदा है मेरी अदा
जो ले सबकी जान
हूँ ऐसी मैं लैला मैं लैला
जो ले सबकी जान
तू ऐसी हे लैला ओ लैला
कोई मेरे जैसी ना होगी यहाँ होगी यहाँ
सबसे जुदा है मेरी अदा
जो ले सबकी जान
हूँ ऐसी मैं लैला मैं लैला
जालिम मोहब्त हे जालिम ज़माना
आसान नहीं इनसे बचना बचाना
साँसों में तूफ़ान हे लम्हां भी गहरा
सबके दिलो में हे तेरा ही चेहरा
जानिशा हे तू चख मेह्खाना तू
दिलनशी हे तू रंग पैमाना तू
इस दिल में हे क्या किसको पता
किसको पता
चारो तरफ से आये जरा
जो ले सबकी जान हूँ ऐसी में लैला
में लैला
जो ले सबकी जान
तू ऐसी हे लैला ओ लैला
मेरी निगाहों ने जादू उजाला
मुश्किल से लोगों ने दिल को संभाला
थोड़ा अंधेरा है थोड़ा उजाला
मंजर ये कहता है कुछ होने वाला
क्या नशा हे तू रौनके महफ़िल तू
हमनवा हे तू जाने बे मंजिल तू
मेरे सारे जलवे हैं कातिल बड़े कातिल बड़े
सारा जहां है मुझ पे फिदा
जो ले सबकी जान
हूँ ऐसी मैं लैला मैं लैला
जो ले सबकी जान
तू ऐसी है लैला ओ लैला