चाँद सा मुखड़ा उतरा है दिल में
छाया है मन में
चाँद सा मुखड़ा उतरा है दिल में
छाया है मन में
दूर से चल के बुझाने मेरी प्यास
आया है मेरे पास मेरा प्यार
झील सी गहरी ये आँखें उसकी हैं
रेशमी ज़ुल्फ़ें, घटाएँ उसकी हैं
लाज में लिपटा आँचल है उसका
कहीं लग जाए ना नज़र
लाज में लिपटा आँचल है उसका
कहीं लग जाए ना नज़र
हुस्न का पय कर आसमाँ से ज़मीं पर
आया है करने बेकरार
गालों की लाली, कानों की वो बाली
छीन लें मुझसे ये मेरा चैन उनके नैन
चाँद सा मुखड़ा उतरा है दिल में
छाया है मन में
दूर से चल के बुझाने मेरी प्यास
आया है मेरे पास मेरा प्यार