
आसमान में रंग खिले
ख्वाहिशों के पंख खिले
कहती तू मुझे ले चलो
ले चलो
हकीकत के परे
साया मेरा तेरे बिना अब
तेरे लिए तेरा मेरा सब
तू जो कहीं खोया हुआ अब
मैं तुझको ढूंढूं हर कहीं
बातें तेरी तेरे बिना अब
करती हूं मैं खुद से अब हर पल
गूंजे मेरे कानों में अब बस
तेरी बातें अनकही
तारों की चादर को ओढ़ के
सपनों की बाहों में हम चले
कहता तू मुझे ले चलो
ले चलो
हकीकत के परे
कभी वहां कभी यहां हम
कभी हंसी कभी थोड़ा गम
अभी सही अभी थोड़ा कम
हम तो नींदों में मिले
अभी यहां अभी वहां हम
अभी हंसी अभी थोड़ा गम
कभी सही कभी थोड़ा कम
हकीकत के परे
आसमान में दिन ढले
हो हो हो हो
आसमान में दिन ढले
सपनों की बाहों में हम मिले
कहती तू मुझे तुम मिलो
फिर मिलो