
मेरे किस कसूर पर तू मालिक मुझे रुलाये
मेरे किस कसूर पर तू मालिक मुझे रुलाये
मेरे आंसुओ में तेरा
मेरे आंसुओ में तेरा संसार बह न जाये
मेरे किस कसूर पर तू मालिक मुझे रुलाये
मेरे आंसुओ में तेरा संसार बह न जाये
दुनिया मेरी उजड़ी तूने बसी बसाई
दुनिया मेरी उजड़ी तूने बसी बसाई
बर्बाद हो गयी ह मालिक तेरी दुहाई
क्या सच है झूठ क्या है
दुनिया को तू बता दे
तेरे पास हो ना जाये तेरी ही जग हंसाई
इतना भी क्या अरे मालिक
मेरा शाबर आज़माये
मेरे आंसुओ में तेरा
मेरे आंसुओ में तेरा संसार बह न जाये
मेरे किस कसूर पर तू मालिक मुझे रुलाये
मेरे मांग का ए मालिक सिंदूर मिट गया तो
मेरी ज़िन्दगी का साथी कहीं
मुझसे छूट गया तो
दुनिया में बेबसों की फरियाद सुनने वाले
दुनिया में बेबसों की फरियाद सुनने वाले
तेरे दर पे आके मेरा घर लुट गया तो
तेरा घर ना फूंक डाले
कहीं मेरे दिल की हाय
मेरे आंसुओ में तेरा
मेरे आंसुओ में तेरा संसार बह न जाये
मेरे किस कसूर पर तू मालिक मुझे रुलाये
है मेरा दोष कोई तो मुझको तू जला दे
वरना ये नाग मेरे माथे से तू मिटा दे
क्या फैसला है तेरा ओ आसमान वाले
क्या फैसला है तेरा ओ आसमान वाले
एक पल ज़मी पे आके दुनिया को तू सुला दे
सुनते है तेरे दर पे मिलता है सबको न्याय
मेरे आंसुओ में तेरा
मेरे आंसुओ में तेरा संसार बह न जाये
मेरे किस कसूर पर तू मालिक मुझे रुलाये
मेरे आंसुओ में तेरा
मेरे आंसुओ में तेरा संसार बह न जाये
संसार बह न जाये संसार बह न जाये
संसार बह न जाये संसार बह न जाये(संसार बह न जाये संसार बह न जाये)