शुभं करोति कल्याणं
शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योती नमोऽस्तुते
दीपज्योति परब्रह्म दीपज्योति जनार्दन
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तुते
शुभं करोति कल्याणं
संध्या दीपक ब्रह्म सामान
संध्या दीपक ब्रह्म सामान
सारी श्रीष्टी को नमन करे
औ कुटुंब सानिध्य हमारा
घृना गर्व का अंत करे
घृना गर्व का अंत करे
प्रेम दिशा भ्रम को दर्शाये संध्या दीप नमोस्तुते
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योती नमोऽस्तुते
शुभं करोति कल्याणं
ये दीपक विश्वास जगाये
ये दीपक विश्वास जगाये
मन में शांती जगाता हहै
तब तक अंधकार हरता है
जब तक सूर्य न आता है
जब तक सूर्य न आता है
जीवन में उल्हास जगाये
संध्या दीप नमोस्तुते
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योती नमोऽस्तुते
शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपज्योती नमोऽस्तुते
संध्या दीप नमोस्तुते
संध्या दीप नमोस्तुते