मुझको तेरा जुनून तेरे पास ले आया
तेरी यादों का वो सहर तेरे शहर ले आया
प्यासा नंगे पांव तेरे पास चला आया
तुझ बिन गुजरे ना रात दिन
जीऊं मैं कैसे तेरे बिन
तुझ बिन गुजरे ना रात दिन
जीऊं मैं कैसे तेरे बिन
रस्मों की ज़ंजीरें
बस एक बार तोड़ आना
तुझ बिन गुजरे ना रात दिन
जीऊं मैं कैसे तेरे बिन
तुझ बिन गुजरे ना रात दिन
जीऊं मैं कैसे तेरे बिन
अब भी दिल में कुछ हो तो
एक बार चली आना
माज़ी की तल्तियां इक बार भूला आना
मेरे पास चली आना