
खुली आँखों से मैंने जो सपना देखा है
वो कितना सच हुआ है कितना अधूरा रह गया है
जाने कहाँ मंज़िल जाने कहाँ मेरा पता है
कभी न पूछा खुद से अब तक
कितना सफ़र तय किया है
अब देखना है हवा में जैसे पंछी उड़ता है
हवा से मानो लड़ने चल पड़ा है पा ही लेगा आसमाँ
अब देखना है आंधियों से जो उठा धुआँ है
वो धुएँ से पार हो गया तो पा ही लेगा ये जहाँ
देखना है जो
देखना है जो
देखना है जो
पा ही लेगा ये जहाँ
देखना है जो
देखना है जो
देखना है जो
पा ही लेगा ये जहाँ
वो फ़िकर छोड़ चुका है ख़ुद से पहली बार मिला है
ख़ुद से पहला प्यार हुआ है वापस न आएगा
वो पंछी मुझसा लगा तो मैंने एक कहानी लिखी
वो ख़ुद से तो कह न सकेगा तो अपनी ज़ुबानी लिखी
अब देखना है हवा में जैसे पंछी उड़ता है
हवा से मानो लड़ने चल पड़ा है पा ही लेगा आसमाँ
अब देखना है आंधियों से जो उठा धुआँ है
वो धुएँ से पार हो गया तो पा ही लेगा ये जहाँ
देखना है पा ही लेगा ये जहाँ
अब देखना है हवा में जैसे पंछी उड़ता है
हवा से मानो लड़ने चल पड़ा है पा ही लेगा आसमाँ
अब देखना है आंधियों से जो उठा धुआँ है
वो धुएँ से पार हो गया तो पा ही लेगा ये जहाँ