शीशे का समुंदर
पानी की दीवारें
शीशे का समुंदर
पानी की दीवारें
माया है, भरम है
मोहब्बत की दुनिया
इश्स दुनिया में जो भी गया
वो तो गया!
हो.. शीशे का समंदर
पानी की दीवारें
बर्फ की रेतों पे
शररों का ठिकाना
गर्म सहराओं में
नर्मियों का फसाना
यादों का आईना
उठता है जहाँ
सच की परछाईयाँ
हर जगह आती है नज़र
सोने के हैं बादल
पत्थरों की बारिश
माया है, भरम है
मोहब्बत की दुनिया
इश्स दुनिया में जो भी गया..
वो तो गया!
हो.. सीशे का समुंदर
पानी की दीवारें
दिल की इश्स दुनिया में
सरहदें होती नही
दर्द भारी आँखों में
राहटें सोती नही
जीतने एहसास हैं
आन-बुझी प्यास है
ज़िंदगी का फलसफा
प्यार की पनाहों में च्छूपा
धूप की हवायें
काँटों के बगीचे
माया है, भरम है
मोहब्बत की दुनिया
इश्स दुनिया में जो भी गया
वो तो गया!
हो.. शीशे का समंदर
पानी की दीवारें