Сингл / Трек
जोहड़ के किनारै बैठी, सोचे जाऊँ बेबे री मैं
उसकी गली ना जांदी ठीक था
इसा लागैया रोग मेरै, राताँ नै यो आ कै घेरै
दिल रहवै रोंदा और चीखदा
बची होई कट ज्या तावली, फिक्राँ नै करदी साँवली
न्यूँ तो संभल कै चाली थी, इश्क़ नै करदी बावली
बावली, बावली, करदी रै
बावली, बावली, करदी रै
बावली, बावली, करदी रै
नि-सा, नि-सा, रे-मा, रे-मा, रे-सा-सा-रे, सा-सा-सा-नी
नि-सा, नि-सा, रे-मा, रे-मा, रे-सा-सा-रे, सा-सा-सा-नी
नि-सा, नि-सा, रे-मा, रे-मा, रे-सा-सा-रे, सा-सा-सा-नी
पा-गा-मा-रे-रे-सा
लोगों रै, इश्क़ ना करियो, बे आई मौत ना मरियो
सुत्याँ के तीर टूटैंगे, मिर्जे ज्यूँ प्यार ना करियो
प्यार ना करियो, ना करियो
किसे का साथ दिया, किसे तै करैया किनारा
किसे नै मिलूँ रोज़, कड़ै ना जाऊँ दोबारा
बड़े रोए है मेरे गले लग-लग के
बड़्याँ नै पीठ म्ह रै ख़ंजर है मारैया
I feel alone, तेरे बिना मेरा जीणा, ज्यूँ सैलाब के बाद
बची गंगा के किनारे थोड़ी राख के बाद
आँख खुल जैसे सुनहरे किसे ख़्वाब के बाद
जैसे घर म्ह जवान बेटी बाप के बाद
रै, जिस नै जितनी जरूरत थी लोगाँ नै मैं बांड लिया
तेरे जाणे के बाद मैं देख दुःखाँ नै चाट लिया
इब मेरी मंज़िल नहीं, उमर-भर का हूँ मुसाफ़िर
प्यार तै ऐतबार उठ्या, इश्क़ करूँ, बणूँ क़ाफ़िर
रंग भी उड़ लिया तेरी तस्वीर म्ह तै
रूह भी उड़ ली है ज़िस्म की जंजीर म्ह तै
हाथ देख, झूठ बोली तेरे उस फ़क़ीर नै रै
वो तो कहवै था, तू नहीं जाणी तक़दीर म्ह तै
जाणी तक़दीर म्ह तै
जाणी तक़दीर म्ह तै
जाणी तक़दीर म्ह तै
लोगों रै, इश्क़ ना करियो, बे आई मौत ना मरियो
सुत्याँ के तीर टूटैंगे, मिर्जे ज्यूँ प्यार ना करियो
प्यार ना करियो, ना करियो
रै, एक घर बणाया है मन्नै, कुछ कमरे उस में सोणे नै
एक कमरा है मेहमानां का, एक कमरा राख्या है रोणे नै
रै, ताबड़-तोड़ पड़े आँसू, तेज़ाब की तरियां फ़र्श जल्या
कोई माली भी नहीं मिलणा रै, जब हुस्न का यो गुलाब जल्या
मेरी बेबसी का आलम यो, के पूछै, बता नहीं सकदा मैं
मेरे phone में तेरा number है, पर चाह के मिला नहीं सकदा मैं
ये इश्क़ बेदर्द बड़ा
इश्क़ है नहीं कड़ै? मन्नै न्यूँ तो बता
दुल्हन के दर्पण म्ह, चूड़ी की खण-खण म्ह
मीरा के पायाँ म्ह, घुँघरू की छण-छण म्ह
दरिया म्ह, नावाँ म्ह, शहर म्ह, गाँवाँ म्ह
महकी फिज़ावाँ म्ह, सर्द हवावाँ म्ह
तपती हुई धूप म्ह, छाई घटावाँ म्ह
आशिक़ की याद म्ह, फैली हुई बाँहवाँ म्ह
रांझे की वंजली म्ह, हीर की चूरी म्ह
सोहनी के घड़े म्ह, महिवाल की दूरी म्ह
टूटे हुए तीर रै, पट के माँस म्ह
साहिबा मिर्जे ने आखरी साँस म्ह के कहया होगा?
लोगों रै, इश्क़ ना करियो, बे आई मौत ना मरियो
सुत्याँ के तीर टूटैंगे, मिर्जे ज्यूँ प्यार ना करियो
प्यार ना करियो, ना करियो
लोगों रै, प्यार ना करियो, ना करियो
इश्क़ भी, याराँ, करके देख लिया, ज़िंदे-जी भी मर के देख लिया
घूँट सबर का भर के देख लिया, इब्ब हड्डियाँ म्ह ख़ून नहीं है
सब कुछ पा लिया ज़िंदगी मै, पर ज़िंदगी म्ह सुकून नहीं है