मरहम मरहम है जैसे आना तेरा
मेरे नाज़ुक दिल को सहलाना तेरा
मेरी सूनी सूनी रातों का
तू चाँद वे
जानेया
जानिया
तेरा मिलना बड़ा इत्तेफाक़ी सा है
मैं हूँ प्यासा बहुत और तू साक़ी सा है
है दवा या दुआ या नशा है क्या तू
कभी पूछे जो हँस के तू हाल मेरे
भर जाएँ ज़ख़्म वो जो भर ना सके
तेरी सोहबत में जाना क्या होता सुकून
हौले हाथ मेरे चेहरे पे लगाना तेरा
और रेत की तरह बिखर जाना मेरा
साँसें गहरी भरूँ
नींद मीठी सी लूँ
तेरी बाँहें हों जो सिरहाना मेरा
मरहम मरहम है जैसे आना तेरा
मेरे नाज़ुक दिल को सहलाना तेरा
मेरी सूनी सूनी रातों का
तू चाँद वे
जानेया
जानिया
मरहम मरहम है जैसे
तू है क्या तू है कहूँ मैं कि क्या है तू
दिल रूबरू है जो मुझसे मिला है
तू है क्या तू है कहूँ मैं कि क्या है तू
दिल रूबरू है जो मुझसे मिला है
दर्द गहरा है, सेहरा में बारिश है तू
दिल ये ठहरा है, तुझपे हर ख़्वाहिश है तू
ग़म के पलों में
जो कश मैं भरूँ
मेरे हाथों से ले के बुझाना तेरा
मरहम मरहम है जैसे आना तेरा
मेरे नाज़ुक दिल को सहलाना तेरा
मेरी सूनी सूनी रातों का
तू चाँद वे
जानेया
जानिया
मरहम मरहम है जैसे