
ये आँगन की स्याही
तेरी आँसुओं की गवाही रे
नन्ही सी कली तू, क़ातिल तेरे
सुने ना तेरी दिल की आहटें तेरी गुज़ारिशें
तेरी हँसी को तरसे ममता की ये ख़्वाहिशें
सूनी राहें पुकारें फिर तुझे
वादा है ये, महफ़ूज़ है अब तू यहाँ
Hmm, अब माँ के आँचल तले
दुनिया तुझे पलने दे
तेरी आँखों के सपनों को
फिर ज़िंदा करें
गुड़िया तेरी उड़ान फिर भरें खुले गगन में
तेरे लिए ही तरसे ख़ुशियों के मौसम सभी
जिएँ तू भी खुल के, दुआ है ये
लाड़ो, तुम बिन सूना है ये सारा जहाँ
ये आँगन की स्याही
तेरी आँसुओं की गवाही रे
नन्ही सी कली तू, अब लौट आ