आ
जब आएँगे वो मेरे रूबरू
आँखों से फिर होगी ये गुफ्तगू
जब आएँगे वो मेरे रूबरू
आँखों से फिर होगी ये गुफ्तगू
पलकें झपके बिना एक लम्हे को भी
वो नज़र ना चुराए दुआ कीजिए
हमको अपना बनाए दुआ कीजिए
वो नज़र ना चुराए दुआ कीजिए
हमको अपना बनाए दुआ कीजिए
लाए हैं इश्क़ पलकों पे बैठा के हम
नाम उनका सफ़र भर में गा गाके हम
लाए हैं इश्क़ पलकों पे बैठा के हम
नाम उनका सफ़र भर में गा गाके हम
हाँ मुक़द्दर यहीं इश्क़-ए-बेबाक का
नाम उनके भी होठों पे बेसाख का
अब हमारा ही आए दुआ कीजिए
अब हमारा ही आए दुआ कीजिए
वो नज़र ना चुराए दुआ कीजिए
हमको अपना बनाए दुआ कीजिए
ज़िंदगी की नज़र से उतर जाएँगे
हम ना उनसे मिलेंगे तो मर जाएँगे
ज़िंदगी की नज़र से उतर जाएँगे
हम ना उनसे मिलेंगे तो मर जाएँगे
उनकी क़ुरबत में है ज़िंदगानी भरी
उनकी आहट में है एक जादूगरी
आके वो फिर ना जाए दुआ कीजिए
आके वो फिर ना जाए दुआ कीजिए
वो नज़र ना चुराए दुआ कीजिए
हमको अपना बनाए दुआ कीजिए आ