Сингл / Трек
हज़ारों नज़ारे ज़िंदगी ने हैं दिखाए
ये एक नज़ारा, कैसे अनदेखा रह गया
चाहे न चाहे, बदलते हैं ज़माने
अब मेरा है ज़माना आ गया
लिखनी है ख़ुद मेरी कहानियाँ
अब सब उम्मीदें भी ख़ुद ही से जुड़ी हैं
कोई दूसरा संभाले क्यूँ उन्हें
राहें सारी, ख़्वाबों से जगमगाती
ख़्वाबों को पास रखना है अभी
इन ख़्वाबों के बिना क्या ज़िंदगी
बदलना चाहो आसमान
बदल भी लो, क्या है गुनाह
तेरा ही है सारा जहाँ
तेरा अनोखा रास्ता
तेरा ही है ज़माना, मान जा
लिख ले तू भी तेरी कहानियाँ