
One two three four
आँख बंद कर तू
पीछा करे जो यूँ
डर की चादर में
नकल करे बस तू
खो चुका है तू
अपने खयालों को
नोचता है बस
अपने तू बालों को
हे
आँख बंद कर तू
पीछा करे जो यूँ
डर की चादर में
नकल करे बस तू
खो चुका है तू
अपने खयालों को
नोचता है बस
अपने तू बालों को
क़ैद में यहां वहां
ले रहा पनाह कहां
झूठ से सनह तू जाएगा कहाँ
भेड़ चाल
सबका ये हाल
ख़ुद से क्यूं नहीं तू पूछता है ये सवाल
भेड़ चाल
तू क्यूं बेहाल
अपने लिए ख़ुद तू क्यूं नहीं है सोचता
आँख बंद कर तू
दौड़ता है यूँ
समाज की सुन कर
बस सो गया है तू
झूठों से भरी
इनकी जो बातें है
वश में करके ये
तुझको सताती हैं
क़ैद में यहां वहां
ले रहा पनाह कहां
झूठ से सनह तू जाएगा कहाँ
भेड़ चाल
सबका ये हाल
ख़ुद से क्यूं नहीं तू पूछता है ये सवाल
भेड़ चाल
मच रहा बवाल
अपने लिए ख़ुद तू क्यों नहीं है सोचता
बा आ आ
भेड़ चाल
तुमसे से ये सवाल
क्यूं नहीं तुम्हारा दिल तुम्हें है टोकता
भेड़ चाल (चाल)
देखो ये कमाल
मैं तुम्हारे जैसा बिल्कुल नहीं सोचता