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मेरा कसूर नहीं
गुनाह को क़रार कबूल नहीं
वो चाहते मैं दफन हो जाऊं पर
भोले हैं साथ मेरे भूल नहीं
सिंक करना लोगों पे मेरा वो रूल नहीं
मार खा के बोलो मैं मेरा उसूल नहीं
हथखाड़ी पिक्चर में लगती तो मस्त है
हथखाड़ी हाथों में लगता फिर कूल नहीं
आंखों से आंखें नहीं मिलती है मुलाकात में
जब माँ मेरी रोटी है हर एक बात पे
फोन पे खाली सुनाई दे रही उनकी सांसें
मां चैन से तू सोही नहीं कितनी रात से
मां मुझे मालूम हां वक्त थोड़ा बुरा
पर बुरे के बिना तो इंसान अधूरा
जो सोया है फर्श पे आसमान वो चुरा
जो भागा है लंबे समय तक वही तो दूर आया
अभी तू रोना नहीं
बातें हैं बाकी फोन पर यहां पे कटेगा मां
मां तू अब डरना नहीं जो होना हो गया बेटा अब लड़ेगा
सोने को जगह नहीं मिलती है यहां करवट है
आज हुआ जम्मा लोक कल था पर्वत में
ऊपर से आला तक जिंदगी हरकत है
पाप मेरे धुल गए आने वाली बरकत है
चलता यहां नोट है किसकी अर्जी नहीं
बीड़ी को पी पी के समय गुजारती गई
खोटे के पतली वो यहां पे चलती नहीं
गया मैं अंदर था थी मेरी गलती नहीं
मेरी थी मर्जी नहीं जिसके लिए जरूरी थी
किस्मत भी क्या करता वो भी मजबूर ही था
वक्त मेरा बुरा था खुदा नाराज़ था
फिर भी वो गया नहीं मेरा पास था
जो मेरे पास है वही तो खास है
जो मेरे पास नहीं उससे नाराज़ नहीं
उनसे मैं खुश हूं क्योंकि वो असली है
खुदा जब साथ तेरे किस चीज़ का डर है
सोने को जगह नहीं मिलती है यहां करवट है
आज हुआ जम्मा लोक कल था पर्वत में
ऊपर से आला तक जिंदगी हरकत है
पाप मेरे धुल गए आने वाली बरकत है
मेरा कसूर नहीं
गुनाह को क़रार कबूल नहीं
वो चाहते मैं दफन हो जाऊं पर
भोले हैं साथ मेरे भूल नहीं
चुगली करना लोगों पे मेरा वो नियम नहीं
मार खा के बोलो मैं मेरा उसूल नहीं
हथखाड़ी पिक्चर में लगती तो मस्त है
हथखाड़ी हाथों में लगता फिर
खाने में स्वाद नहीं, पानी में जहर है
हर चीज़ की कीमत है इन्साफ के शहर में
दर्द को दावा नहीं, सोने को जगह नहीं
फिर कैसा सिस्टम ये सबके लिए उचित है
तारीक पे तारीख है यहां, सुनने को है नहीं कोई
सबको ये मालूम है, अंधा ये कानून है
दोबाता पर आवाज उठाएं
लाडा जो न्यूज पे केस नकली लगते
कथिन था काफी जो समय को काटा मैं
मुश्किल में कोई भी नहीं आता
नफरत में प्यार ही बताता मैं
कोन मुझसे रियल है, सब समझता है
पिया में गम को घोंटके
चिल्लाओ भाई लोग को आये जो कोर्ट पे
फ्री लोका बैनर्स को देखा मेन रोड पे
नोक पे खड़ा मैं चक्कू के
आंखों में आंसू और दिल भरा चोट से
नोट्स से चलता ये कानून है
समझ पर कुछ भी नहीं होता है
ये सबको ही मालूम है
अंधा ये कानून है
जिंदगी पास या जिंदगी फेल है
किसी को सज़ा या किसी को जमानत है
हरना नहीं, कैसे भी परेशानी झेल ले
मौत का खेल, ये आर्थर का जेल है
सोने को जगह नहीं मिलती है यहां करवट है
आज हुआ जम्मा लोक कल था पर्वत में
ऊपर से आला तक जिंदगी हरकत है
पाप मेरे धुल गए आने वाली बरकत है
मेरा कसूर नहीं
गुनाह को क़रार कबूल नहीं
वो चाहते मैं दफन हो जाऊं पर
भोले हैं साथ मेरे भूल नहीं
सिंक करना लोगों पे मेरा वो रूल नहीं
मार खा के बोलो मैं मेरा उसूल नहीं
हथखाड़ी पिक्चर में लगती तो मस्त है
हथखाड़ी हाथों में लगता फिर कूल नहीं