हरकत होने लगी है
कहीं पे हवा चली है
आहट बहुत दूर है
मगर अब ज़ाहिर होने लगी है
अपने दिल की बात साथ-साथ लेकर, इंक़िलाबी जज़्बात लेकर
बढ़ रहा है संग-संग कारवाँ
देखो, इक नया पैग़ाम लेकर, इक नयी पहचान लेकर
बढ़ रहा है संग-संग कारवाँ
हरकत होने लगी है
कहीं पे हवा चली है
राहत होने लगी है
मगर आफ़त ना टली है
थोड़ा सा ग़ौर फ़रमाएँ
इस ओर भी देखें ज़रा
बदले हैं दौर और हवाएँ
ज़माना आया है अब नया
अपने दिल की बात साथ-साथ लेकर, इंक़िलाबी जज़्बात लेकर
बढ़ रहा है संग-संग कारवाँ
देखो, इक नया पैग़ाम लेकर, इक नयी पहचान लेकर
बढ़ रहा है संग-संग कारवाँ
अपने दिल की बात साथ-साथ लेकर, इंक़िलाबी जज़्बात लेकर
बढ़ रहा है संग-संग कारवाँ
देखो, इक नया सौग़ात लेकर, इक नयी पहचान लेकर
बढ़ रहा है संग-संग कारवाँ
हरकत होने लगी है
कहीं पे हवा चली है