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सुनिए
आआआ आआआ अअअअअअअ आ आ आआआआ
साफ़ करो
साफ़ करो इन्साफ करो
साफ़ करो इन्साफ करो
भाई भूल भुलैया माफ़ करो
भाई भूल भुलैया माफ़ करो
है एक पहेली बड़ी नवेली
है एक पहेली बड़ी नवेली
जो बूझे तो बने कलन्दर
जो बूझे तो बने कलन्दर
और न बूझे तो
बंदर बंदर बंदर
कई बरस तो कभी न आये
अरे कई बरस तो कभी न आये
और आये तो फिर कभी न जाए
है आये तो फिर कभी न जाए?
हूँ काटो फेंको
फिर आ जाए
बूझे कोई ये बतलाये
कई बरस तो कभी न आये
आये तो फिर कभी न जाए
काटो फेंको फिर आ जाए
काटो फेंको फिर आ जाए
अरे
ऐसा लगता हे जैसे हम गधो के गावं में आ गए
हाहाहा
चचा
ये तो गाली दे रहा हे
अरे रे रे रे
गधे नहीं फूटे तो देखो उल्लू और बंदरो के गावं में आगए हे
शिवनाथ
दाढ़ी तो नहीं
दाढ़ी?
हाँ काटो देखो फिर आ गए
कई बरस तक. . . अरे हाँ
हाँ दाढ़ी
हा हा हा हा हा
क्यों चचा
आखिर तिनका मिला न ढाढी में
याद आया हाँ
राधा नाम की लड़की थी इक
ऊंचे कद की
तुमको उस की बात सुनाऊँ
अरे क्या कहती थी
क्या आआ करती थी
अअअअअअअ आआआ आआआआ
गागर में जब अग्नि भर के
सर पे रख ली
अजी तू सर पे रख ली
अजी तू सर पे रख ली
हो जमुना पाऊँ में पद के बोलि
तड़पे मछली मछली
अजी तड़पे मछली मछली
हो जितनी बार मुझे फूंकोगे
आग लगा के उतनी बार उठेगी तन से
धुंए की बदली बदली
अजी ऊ धुंए की बदली बदली
कौन थी राधा
कौन थी जमुना
कौन थी राधा
कौन थी जमुना
अब की बार बताओ तो जानें
मिर्ज़ा साब का लोहा मानें
क्यूँ कलंदर
बनोगे बन्दर
चुल्लू भर का पीना हो तो लाऊँ समंदर
क्यूँ कलंदर
बनोगे बन्दर
गागर में जब अग्नि भर के
सर पे रख लिए
सर पे रख लिए
जमुना पाऊँ में पद के बोलि
तड़पी मछली
तड़पी मछली
जितनी बार मुझे फूंकोगे आग लगा के
जितनी बार मुझे फूंकोगे आग लगा के
उतनी बार उठेगी तन से
उतनी बार उठेगी तन से
धुंए की
बदली बदली बदली
अब इसका जवाब तो दो
कान पकड़ कर
नाक पे दोनों घुटने टेके
उठ कर दो आँखों में
आँखें डाल के देखे
अरे कान पकड़ कर
नाक पे दोनों घुटने टेके
उठ कर दो आँखों में
आँखें डाल के देखे
क्यूँ कलंदर
बनोगे बन्दर
चलेगा चुल्लू
या लाऊँ समंदर
सारी जवानी कोई न आया आँख मिलाने
आज बुढ़ापे में कोई कैसे पहचाने
कान पकड़ कर
नाक पे जब वो घुटने टेके
कौन
कान पकड़ कर नाक पे जब वो घुटने टेके
तब आँखों पर चढ़ के चश्मा आंख तो देखे
अच्छा अब के तुम सब मेरी बात बताओ
और न समझो तुम तो सारे गोबर खाओ
एक दफा एक दोस्त के घर पे सोचा था वो घर पे होगा
एक दफा एक दोस्त के घर पे सोचा था वो घर पे होगा
जा कर देखा दोस्त नहीं है
दोस्त नहीं है
दोस्त नहीं है
उस दोस्त की सुन्दर पत्नी को जिस हाल में पाया
तौबा तौबा देखा और पसीना आया
माँ को भी एक बार यूं ही देखा था लेकिन
बहिन को देख के मुश्किल से दिल को समझाया
ऐसी कितनी सुन्दर सुन्दर नारियाँ देखि भैया
ऐसी कितनी सुन्दर सुन्दर नारियाँ देखि भैया
लेकिन
अपनी पत्नी को उस हाल में देख न पाया
अपनी पत्नी को उस हाल में देख न पाया
अब कहो कलन्दर
हाल बताओ
कहो कलन्दर हाल बताओ
वार्ना लंगड़ी चाल दिखाओ
हां हां हां हां हां हां हां
चचा में तो इन्हें बन्दरिया नहीं कहूंगा
क्यों
बंदरिया नाराज़ हो जायेगी
हा हा हा हा हा हा
छी छी छी छी
जानता हूँ जो सोच रहे हो
छी छी छी छी
जानता हूँ जो सोच रहे हो
नारी का वो रूप जो तुम सब खोज रहे हो
छी छी छी
जानता हूँ जो सोच रहे हो
नारी का वो रूप जो तुम सब खोज रहे हो
अब सुनो जवाब
माँ को देखा बहिन को देखा देखि भाभी अछि
माँ को देखा बहिन को देखा देखि भाभी अछि
लेकिन
अपनी पत्नी को देखा है किस ने
विधवा
विधवा
सच्ची सच्ची सच्ची
साफ़ किया
साफ़ किया
साफ़ किया इन्साफ किया
भूलने वालों को माफ़ किया
भाई भूलने वालों को माफ़ किया
भाई भूलने वालों को माफ़ किया