
नमो नमस्ते स्फटिक प्रभाय, सुश्वेतहाराय सुमंगलाय
नमो नमस्ते स्फटिक प्रभाय, सुश्वेतहाराय सुमंगलाय
सुपाशुहस्ताय झषासनाय, जलाधिनाथाय नमो नमस्ते
गंगे च यमुने चैव, गोदावरि सरस्वती
नर्मदे सिंधु कावेरी, जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु
नर्मदे सिंधु कावेरी, जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु
हर-हर गंगे, हर-हर गंगे
हर-हर गंगे, हर-हर गंगे
नमो नमस्ते स्फटिक प्रभाय, सुश्वेतहाराय सुमंगलाय
सुपाशुहस्ताय झषासनाय, जलाधिनाथाय नमो नमस्ते
गंगे च यमुने चैव, गोदावरि सरस्वती
नर्मदे सिंधु कावेरी, जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु
नमो नमस्ते स्फटिक प्रभाय, सुश्वेतहाराय सुमंगलाय
सुपाशुहस्ताय झषासनाय, जलाधिनाथाय नमो नमस्ते
नमो नमस्ते स्फटिक प्रभाय, सुश्वेतहाराय सुमंगलाय
सुपाशुहस्ताय झषासनाय, जलाधिनाथाय नमो नमस्ते
नमो नमस्ते स्फटिक प्रभाय, सुश्वेतहाराय सुमंगलाय
सुपाशुहस्ताय झषासनाय, जलाधिनाथाय नमो नमस्ते
(हर-हर गंगे, हर-हर गंगे)
(हर-हर गंगे, हर-हर गंगे)